रोज़ सवेरे मुझे उठाता
हँसता और हँसाता हैं,
यह हैं वों अनोखा रिश्ता
जो हर माँ को भाता हैं।
नन्ही आँखें, नन्ही मुस्कान
सबका दिल बहलाती हैं,
सच पूछो तो मेरी आँखें ख़ुशी से भर आती हैं।
हर पल मुझको व्यस्त रखे,
बहुत मुझे नचाता हैं,
यह है वो अनोखा रिश्ता,
जो हर माँ को भाता हैं।
बड़ा ना होजाए जल्दी बच्चा,
यह ख़्वाब उसे डराता हैं
यह है वों अनोखा रिश्ता,
जो हर माँ को भाता हैं।
Written by Saumya Khokhar.